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आओ वैलेंटाइन डे मनाएं

Posted On: 14 Feb, 2016 Junction Forum में

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आओ वैलेंटाइन डे मनाएं
अलस सुबह जब आँख खुली
होठों पर मुस्कान खिली
चश्मा आँखों पे चढ़ाया
इक सूखा गुलाब औ लिखा पुरचा पाया
आई लव यू
स्याही से लिखा है,खून नहीं समझना
बीबी हूँ तुम्हारी, गर्लफ्रेंड नहीं समझना
हैप्पी वैलेंटाइन डे
तभी एक आवाज़ सुनाई दी
उठ गए हो
फ्रेश होकर आजाओ
साथ चाय पियेंगे
वैलेंटाइन डे मनाएंगे I
आओ
यादों के सागर में गोते लगायें
प्रेम की रसधार में नहाएं
ये गुलाब हमारे प्रेम की
पहली निशानी है
संजो कर रखा था
खो न देना
साथ छोड़ न देना
अभी
बच्चों को प्रेम सिखाना है
वैलेंटाइन डे मनाना है I
हैप्पी वैलेंटाइन डे I



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3 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Jitendra Mathur के द्वारा
February 14, 2016

हैप्पी वैलेंटाइन डे अतुल जी I फ़िल्म निकाह की नज़्म याद आ गई - अभी अलविदा न कहो दोस्तों, न जाने कहाँ फिर मुलाक़ात हो, बीते हुए लम्हों की कसक साथ तो होगी, ख़्वाबों ही में हो चाहे मुलाक़ात तो होगी । प्यार करने वाले बिछड़ने के बाद तो ख़्वाबों में ही मिलते हैं जिस तरह सूखे हुए फूल किताबों में मिलते हैं । बहुत अच्छा और बिलकुल ठीक लिखा है आपने । बेशक़ !

Shobha के द्वारा
February 18, 2016

श्री अतुल जी बहुत सुंदर भावनात्मक कविता और अंत बच्चों को प्रेम सिखाना है वैलेंटाइन डे मनाना है I हैप्पी वैलेंटाइन डे ई प्रेम आगे बच्चों में भी चले सबसे मिल जुल कर रहें यही आपका लिखने का भाव है

atul61 के द्वारा
February 18, 2016

आदरणीय शोभा जी व जितेन्द्र माथुर जी सादर अभिवादन Iबच्चों के बीच प्रेम की धार बहाने का कार्य आवश्यक हो गया है कारण समाज में आजकल प्रेम, विवाह वन्धन में बांधने के बाद तलाक में परवार्तित होने लगे हैं जो अच्छा संकेत नहीं है


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